इस नए उद्यमी ने आरटीई अधिनियम की सहायता से 700 से अधिक गरीब बच्चों को प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश पाने में सहायता की है
सूरत: हिरों के शहर सूरत में ग़रीब परिवारों के सैंकड़ो बच्चे प्रतिष्ठित विद्यालयों में पढ़ रहे हैं| भारत सरकार द्वारा लागू किए गए आरटीई अधिनियम के सबसे बेहतर इस्तेमाल से प्रतिष्ठित विद्यालयों में आर्थिक दृष्टि से संवेदनशील पृष्ठभूमि के बच्चों की 36 वर्षीय हितेश विश्वकर्मा जी ने सहायता करने के कारण यह सम्भव हुआ है|विगत चार वर्षों में हितेश विश्वकर्मा ने सेवन्थ डे एहेंटीस्ट, मातृभूमि, रोझबर्ड, आरएन नाईक, जिनियस हाय स्कूल आदि प्रतिष्ठित विद्यालयों में आरटीई अधिनियम के प्रभावी इस्तेमाल के द्वारा 700 से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलवाया है|एल्युमिनिअम क्षेत्र में उत्पादक और सप्लाई करनेवाले हितेश विश्वकर्मा ने कहा, “फीस भरे बिना प्रतिष्ठित विद्यालयों में ग़रीब पृष्ठभूमि के बच्चों को प्रवेश पाया हुआ देख कर मुझे खुशी होती है| विगत चार वर्षों में आरटीई अधिनियम के तहत 700 से अधिक बच्चों ने विभिन्...



