पारूल विश्वविद्यालय में चौथा अंतरराष्ट्रीय लोकगीत महोत्सव संपन्न, विश्व परंपराएँ एक मंच पर
वडोदरा (गुजरात) [भारत], 29 अक्टूबर: गुजरात स्थित पारूल विश्वविद्यालय ने 23 से अधिक देशों के 300 से अधिक सहभागियों को पाँच दिन तक चलनेवाले चौथे अन्तरराष्ट्रीय लोकगीत महोत्सव में आमन्त्रित किया है| विश्व शान्ति के लिए कला, इस थीम के साथ होनेवाला यह महोत्सव वैश्विक सहिष्णुता, सांस्कृतिक विविधता और कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रमाण बन गया है| पाँच दिन के इस महोत्सव का शुभारम्भ एक भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ| इसमें अन्तरराष्ट्रीय संगीत, लोक नृत्य् एवम् सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी थी और दुनिया भर के अलग अलग क्षेत्रों के लोगों के लिए मंच था| यहाँ कला और परंपरा के प्रति प्रेम के साथ वे एक दूसरे से जुड़े|पुरातन भारतीय चिन्तन “वसुधैव कुटुम्बकम्” अर्थात् जगत् एक परिवार है, इस सूत्र के अनुसार सीमाओं के परे जा कर परस्पर सम्मान और समझ की क्षमता यह महोत्सव साकार कर रहा है| सहभागियों ने अपनी खुद की विरासत को उ...
