लाइफस्टाइल

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एम3एम फाउंडेशन ने कुरुक्षेत्र और गुरुग्राम में हेल्थ चेक-अप कियोस्क शुरू किए

श्री मुकेश शर्मा और डॉ. ऐश्वर्या महाजन, M3M Foundation के मैनेजिंग ट्रस्टी और प्रेसिडेंट, ने स्वास्थ्य जांच कियोस्क का उद्घाटन किया।गुरुग्राम (हरियाणा) [भारत], 15 सितंबर:  जमीनी स्तर पर निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, एम3एम फाउंडेशन ने अपने कर्तव्य कार्यक्रम के अंतर्गत कुरुक्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), गुढ़ा और गुरुग्राम के सेक्टर 31 स्थित पॉलीक्लिनिक में हेल्थ चेक-अप कियोस्क का उद्घाटन किया। यह पहल तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य जांच सेवाओं को समुदायों के करीब लाती है, जिससे लोग आवश्यक स्वास्थ्य जांच करवा सकेंगे और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती चरण में पहचान कर सकेंगे। कियोस्क के माध्यम से 70 से अधिक स्वास्थ्य मानकों की जांच की जा सकेगी, जिसमें मधुमेह, हृदय स्वास्थ्य, एनीमिया, किडनी, फेफड़ों और श्वसन स्वास्थ्य, मातृ ...
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जासूसी के क्षेत्र में भविष्य बनाने की राह दिखाती पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित

जासूस और इन्वेस्टिगेटर बनने के इच्छुक युवाओं को व्यावहारिक जानकारी और सही दिशा देने का प्रयास नई दिल्ली,14 सितंबर: जासूसी और इन्वेस्टिगेशन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए Detective Guru राहुल राय गुप्ता की पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक उन युवाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है, जो निजी जासूस अथवा इन्वेस्टिगेटर के रूप में कार्य करना चाहते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में प्रवेश करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और इसकी कार्यप्रणाली को समझने के लिए उचित मार्गदर्शन की तलाश में हैं। आमतौर पर जासूसी की दुनिया को फिल्मों, धारावाहिकों और रहस्य कथाओं के माध्यम से देखा और समझा जाता है। इसके कारण बहुत से युवाओं के मन में इस व्यवसाय को लेकर उत्सुकता तो होती है, लेकिन वास्तविक जीवन में एक जासूस का कार्य क्या होता है, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए...
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बदलाव की पहल: समाज सेवा के जरिए लोगों तक पहुंचा रहे मदद का हाथ -श्री धनंजय कुमार

सामाजिक सेवाओं मेंनई दिल्ली, 14 सितंबर: श्री धनंजय कुमार सिंह एक शिक्षित, अनुभवी एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए उद्यमी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात भारती ग्रुप, हॉलैंड ट्रैक्टर्स, रिलायंस इन्फोकॉम, AFCON सहित विभिन्न प्रतिष्ठित कॉरपोरेट संस्थानों के साथ कार्य किया। कॉरपोरेट क्षेत्र में कई वर्षों तक कार्य करने के बाद उन्होंने स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने का निर्णय लिया और आज वे सफलतापूर्वक दो कंपनियों का संचालन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख कंपनियां DK Foods एवं Aarth Enterprises हैं। DK Foods मुख्य रूप से F&B Services के क्षेत्र में कार्यरत है, जबकि अर्थ इंटरप्राइजेज कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय है। DK Foods के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाता है। कंपनी के माध्यम से लगभग 200 लोगों को प...
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जबलपुर से ग्लोबल स्टेज तक: लाइव एंटरटेनमेंट में पार्थो घोष का सफर

लाइव एंटरटेनमेंट की दुनिया में सफलता अक्सर मजबूत नेटवर्क, सटीक क्रियान्वयन और दबाव भरी परिस्थितियों को संभालने की क्षमता पर निर्भर करती है। ऐसे में पार्थो घोष ने अपनी मेहनत, दृढ़ता और आत्मविश्वास के दम पर एक उल्लेखनीय करियर बनाया है। मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखने वाले पार्थो वर्तमान में मुंबई स्थित X-Factor Entertainment में Head of Artist Relations के पद पर कार्यरत हैं। एक दशक से अधिक समय से इस नेतृत्वकारी भूमिका में रहते हुए उन्होंने भारत की कई प्रमुख हस्तियों के साथ काम किया है, जिनमें सचिन तेंदुलकर, शाहिद कपूर, सोनू निगम, अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान, सुखविंदर सिंह, जुबिन नौटियाल, ऋषभ रिखीराम शर्मा और कई अन्य नाम शामिल हैं। उनके पेशेवर सफर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंचाया है। उन्होंने अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अज़रब...
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जबलपुर से ग्लोबल स्टेज तक: लाइव एंटरटेनमेंट में पार्थो घोष का सफर

लाइव एंटरटेनमेंट की दुनिया में सफलता अक्सर मजबूत नेटवर्क, सटीक क्रियान्वयन और दबाव भरी परिस्थितियों को संभालने की क्षमता पर निर्भर करती है। ऐसे में पार्थो घोष ने अपनी मेहनत, दृढ़ता और आत्मविश्वास के दम पर एक उल्लेखनीय करियर बनाया है। मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखने वाले पार्थो वर्तमान में मुंबई स्थित X-Factor Entertainment में Head of Artist Relations के पद पर कार्यरत हैं। एक दशक से अधिक समय से इस नेतृत्वकारी भूमिका में रहते हुए उन्होंने भारत की कई प्रमुख हस्तियों के साथ काम किया है, जिनमें सचिन तेंदुलकर, शाहिद कपूर, सोनू निगम, अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान, सुखविंदर सिंह, जुबिन नौटियाल, ऋषभ रिखीराम शर्मा और कई अन्य नाम शामिल हैं। उनके पेशेवर सफर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंचाया है। उन्होंने अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अज़रब...
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सतीश सनपाल: परोपकार और उद्देश्य-प्रेरित नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना

नई दिल्ली,29 अगस्त: सतीश सनपाल, जो यूएई स्थित उद्यमी और व्यवसायिक नेता हैं, ऐसे नेतृत्व दर्शन से तेजी से जुड़े हुए हैं जो व्यवसायिक विकास और वित्तीय उपलब्धियों से आगे बढ़ता है। अपनी परोपकारी पहलों के माध्यम से, सनपाल सामाजिक प्रभाव, सामुदायिक सशक्तिकरण और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक सफलता का माप उस बदलाव से होता है जो कोई समाज में ला सकता है। इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सनपाल फाउंडेशन है, जो सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे समुदायों और व्यक्तियों की सहायता के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका दर्शन इस विचार पर केंद्रित है कि धन तब अधिक सार्थक बनता है जब वह सकारात्मक बदलाव में योगदान देता है। सतीश सन पाल का परोपकार के प्रति दृष्टिकोण सतीश सन पाल के लिए, परोपकार पारंपरिक धर्मार्...
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सतीश सनपाल: परोपकार और उद्देश्य-प्रेरित नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना

नई दिल्ली,29 अगस्त: सतीश सनपाल, जो यूएई स्थित उद्यमी और व्यवसायिक नेता हैं, ऐसे नेतृत्व दर्शन से तेजी से जुड़े हुए हैं जो व्यवसायिक विकास और वित्तीय उपलब्धियों से आगे बढ़ता है। अपनी परोपकारी पहलों के माध्यम से, सनपाल सामाजिक प्रभाव, सामुदायिक सशक्तिकरण और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक सफलता का माप उस बदलाव से होता है जो कोई समाज में ला सकता है। इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सनपाल फाउंडेशन है, जो सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे समुदायों और व्यक्तियों की सहायता के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका दर्शन इस विचार पर केंद्रित है कि धन तब अधिक सार्थक बनता है जब वह सकारात्मक बदलाव में योगदान देता है। सतीश सन पाल का परोपकार के प्रति दृष्टिकोण सतीश सन पाल के लिए, परोपकार पारंपरिक धर्मार्...
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सतीश सनपाल: परोपकार और उद्देश्य-प्रेरित नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना

नई दिल्ली,29 अगस्त: सतीश सनपाल, जो यूएई स्थित उद्यमी और व्यवसायिक नेता हैं, ऐसे नेतृत्व दर्शन से तेजी से जुड़े हुए हैं जो व्यवसायिक विकास और वित्तीय उपलब्धियों से आगे बढ़ता है। अपनी परोपकारी पहलों के माध्यम से, सनपाल सामाजिक प्रभाव, सामुदायिक सशक्तिकरण और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक सफलता का माप उस बदलाव से होता है जो कोई समाज में ला सकता है। इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सनपाल फाउंडेशन है, जो सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे समुदायों और व्यक्तियों की सहायता के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका दर्शन इस विचार पर केंद्रित है कि धन तब अधिक सार्थक बनता है जब वह सकारात्मक बदलाव में योगदान देता है। सतीश सन पाल का परोपकार के प्रति दृष्टिकोण सतीश सन पाल के लिए, परोपकार पारंपरिक धर्मार्...
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सतीश सनपाल: परोपकार और उद्देश्य-प्रेरित नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना

नई दिल्ली,29 अगस्त: सतीश सनपाल, जो यूएई स्थित उद्यमी और व्यवसायिक नेता हैं, ऐसे नेतृत्व दर्शन से तेजी से जुड़े हुए हैं जो व्यवसायिक विकास और वित्तीय उपलब्धियों से आगे बढ़ता है। अपनी परोपकारी पहलों के माध्यम से, सनपाल सामाजिक प्रभाव, सामुदायिक सशक्तिकरण और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक सफलता का माप उस बदलाव से होता है जो कोई समाज में ला सकता है। इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सनपाल फाउंडेशन है, जो सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे समुदायों और व्यक्तियों की सहायता के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका दर्शन इस विचार पर केंद्रित है कि धन तब अधिक सार्थक बनता है जब वह सकारात्मक बदलाव में योगदान देता है। सतीश सन पाल का परोपकार के प्रति दृष्टिकोण सतीश सन पाल के लिए, परोपकार पारंपरिक धर्मार्...
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डॉ. अवनीश राही की ‘मैं भूख हूँ’ ने साहित्य में उठाया बड़ा सवाल, साइना नेहवाल ने किया लोकार्पण

71 काव्य-रचनाओं की त्रि-आयामी युग–काव्य–संहिता को विश्व कीर्तिमान की मान्यता; राही को मिला वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान नई दिल्ली,25 अगस्त: भूख को यदि केवल पेट की आवश्यकता मान लिया जाए तो उसका अर्थ सीमित हो जाता है। लेकिन जब वही भूख रोटी से आगे बढ़कर शिक्षा, न्याय, सम्मान, अवसर और समानता का प्रश्न बन जाए, तब वह केवल सामाजिक समस्या नहीं रहती—वह साहित्य का विषय भी बन जाती है। डॉ. अवनीश राही की “मैं भूख हूँ : एक युग–काव्य–संहिता” (रोटी से राष्ट्र तक की वेदना) इसी व्यापक दृष्टि के साथ सामने आई है। नई दिल्ली में 22 अगस्त को आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक शब्दोत्सव में इस कृति का भव्य लोकार्पण पद्म भूषण एवं विश्वप्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने किया। इसी अवसर पर डॉ. राही को “वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान” से सम्मानित किया गया। काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस एलएलपी के तत्वावधान में आयोजित समारोह ...