क्या EPF और NPS आपके रिटायरमेंट के लिए काफी हैं?
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: तीस साल पहले रिटायर होने वाले एक सरकारी कर्मचारी को अपने भविष्य के बारे में एक बड़ी बात पहले से मालूम होती थी: नौकरी खत्म होने के बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी।
1990 के दशक में केंद्र सरकार से रिटायर होने वाला कोई कर्मचारी अपनी आखिरी सैलरी और सेवा के वर्षों के आधार पर पेंशन का अंदाज़ा लगा सकता था। महंगाई बढ़ती तो महंगाई राहत के साथ पेंशन भी बदलती। उसके बाद परिवार के लिए भी व्यवस्था थी। रिटायरमेंट के बाद की मंथली इनकम को लेकर अनिश्चितता बहुत कम थी।
आज उसी परिवार की अगली पीढ़ी कहीं ज्यादा कमा सकती है, लेकिन उसके पास इस सवाल का उतना साफ जवाब नहीं है।
EPF में पैसा है। NPS में पैसा है। म्यूचुअल फंड, शेयर, फिक्स्ड डिपॉजिट या दूसरी बचत भी हो सकती है। फिर भी 60 की उम्र के बाद हर महीने कितनी रकम उपलब्ध होगी, यह पहले से तय नहीं है।
यहीं पिछले एक-दो दशकों में भारतीय रिटायरमेंट क...
