गौ माता की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई नई पीआईएल, धारा 377 हटने पर उठाए सवाल
सूरत (गुजरात) [भारत], जनवरी 16: हिंदूवादी संगठन श्री बजरंग सेना ने गौ-सम्बंधित अत्याचारों पर सख्त दंड की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल सिंह चंदेल द्वारा प्रस्तुत की गई।श्री बजरंग सेना ने गौ सुरक्षा के लिए उठाई आवाजयाचिका में कहा गया है कि गौ माता सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि सनातनियों की आस्था की प्रतीक और राष्ट्रीय माता मानी जाती हैं। पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के तहत मनुष्य या किसी भी प्राणी के साथ अप्राकृतिक यौनाचार को गंभीर अपराध माना जाता था, जिसमें कम से कम 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा निर्धारित थी। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने भी अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया था कि धारा 377 से केवल समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटाया जा रहा है, प्राणियों पर लागू दंड को नह...
