डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता
नई दिल्ली,23 सितंबर: भारत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एक नए युग की दहलीज पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर द फाउंडेशनल स्टेज भारत में बच्चे के शुरुआती और सबसे रचनात्मक वर्षों को देखने के नजरिए को बदल रहे हैं। अब खेल, अन्वेषण, अनुभव और विकास के अनुकूल सीखने की प्रक्रिया शिक्षा के केंद्र में हैं।
बच्चों के सीखने के इस नए दृष्टिकोण के लिए उन शिक्षकों के नजरिए में भी बदलाव की आवश्यकता है जो इस शिक्षा को आकार देते हैं।
भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की अगली छलांग केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि इन नन्हें बच्चों को क्या पढ़ाया जाता है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि शिक्षक उनके पहले सवालों को कैसे प्रेरित करते हैं, उनकी जिज्ञासा को कैसे पोषित करते हैं और उनके सीखने के शुरुआती अनुभवों को आकार देकर उन्हें जीवन भर सीखने की यात्रा के लिए कैसे तैयार क...
